पटमदा: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर शनिवार को पटमदा इंटर कॉलेज जाल्ला में विचार गोष्ठी सह भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि सह अधिवक्ता चंद्रशेखर टुडू उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि देश में कोई भी कानून हमारे संरक्षण के लिए ही बनता है. बुद्धिजीवी मंच पटमदा की ओर से आयोजित कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय है क्योंकि इससे छात्रों को भी अपने हक व अधिकार के बारे में जानकारी मिल पाएगी. उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों व अंधविश्वासों को दूर करने की जरूरत है क्योंकि यह भी मानवाधिकार का उल्लंघन करता है. उन्होंने शिक्षा को सभी समस्याओं का समाधान बताया. विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद पटमदा इंटर कॉलेज के प्राचार्य डॉ तरुण कुमार महतो ने कहा कि मानव अधिकार इंसान का प्राकृतिक अधिकार है जो किसी भी इंसान के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार है. यूएनओ ने 10 दिसंबर 1950 को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस घोषित किया. (नीचे भी पढ़े)

इसका उद्देश्य मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश देना है. 1993 में भारत में मानवाधिकार आयोग का गठन हुआ था. हर लड़ाई को ताकत देने व जुल्म को रोकने के लिए हर साल पूरे दुनिया में यह दिवस मनाया जाता है. मानवाधिकार वह मानदंड है जो मानव व्यवहार को परिभाषित करता है. यह वैसा मौलिक अधिकार है जो हर एक इंसान को प्राप्त है. पुलिस हिरासत में मौत, एचआईवी मरीजों से भेदभाव, फर्जी मुठभेड़ में मौत, बाल विवाह समेत कई मुद्दे हैं जो मानवाधिकार के अंतर्गत आता है और उसकी रक्षा मानवाधिकार आयोग करता है. सेवानिवृत्त शिक्षक सुनील वरण महतो, पटमदा डिग्री कॉलेज जाल्ला के प्राचार्य डॉ एसके सेन, प्रो. गुरुपद महतो, प्रो. अरुण कुमार, पटमदा थाना प्रभारी रंजीत कुमार सिंह, कमलपुर थाना प्रभारी धीरंजन कुमार, शरत सिंह सरदार, फणिभूषण महतो, मदन मोहन महतो, विनय कुमार, जगदीश प्रसाद मंडल, ईशान चंद्र गोप, बुद्धेश्वर महतो व गुणधर महतो ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन प्रो. विश्वनाथ महतो, स्वागत भाषण मंच के सचिव कल्याण कुमार गोराई व धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष विजय कुमार मंडल ने किया. मौके पर 7 छात्र-छात्राओं ने भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. पहला पुरस्कार राजीव हेम्ब्रम, दूसरा सरस्वती महतो व तीसरा रवि सिंह एवं अन्य छात्रों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया.



