हजारीबाग: रामगढ़ की कांग्रेस विधायक ममता देवी को सोमवार हजारीबाग कोर्ट सजा सुनाने वाली थी. लेकिन कोर्ट के एक वकील के निधन होने कारण कोर्ट का काम सोमवार को बंद कर दिया गया. जिसके कारण विधायक ममता देवी के खिलाफ सजा का एलान नहीं हो सका. अब इस मामले की सुनवाई 13 दिसंबर को होगी. विधायक के खिलाफ दो साल की सजा होती है तो विधायकी बच जाएगी. लेकिन दो साल से अधिक होने पर उनकी विधायकी जा सकती है.(नीचे भी पढ़े)
मामला अगस्त 2016 में रामगढ़ के चर्चित गोला गोली कांड में रामगढ़ विधायक ममता देवी, भाजपा नेता राजीव जायसवाल समेत 13 लोगों को कोर्ट दोषी ठहराया है. हजारीबाग एमपी, एमएलए की विशेष कोर्ट ने 307, आर्म्स एक्ट समेत आधार दर्जन धाराओं में दोषी करार दिया था. विधायक ममता देवी 2016 में जिला परिषद सदस्य थी. इसके बाद विधान सभा चुनाव जीत कर विधायक बनी है. दोषी होने के बाद से विधायक ममता देवी जेपी कारावास में बंद है.जिला न्यायाधीश पवन कुमार की कोर्ट ने दोषी करार दिया था.(नीचे भी पढ़े)
क्या है मामला: विदित हो कि 20 अगस्त 2016 को रामगढ़ के गोला में आईपीएल कंपनी को बंद कराने को लेकर कंपनी के सामने ममता देवी के नेतृत्व नागरिक चेतना मंच के बैनर तले 150-200 संख्या में ग्रामीण धरना पर बैठे थे. इस दौरान ग्रामीण उग्र हो गए थे. पुलिस को आत्मरक्षा और बचाव को लेकर फायरिंग करनी पड़ी थी. इस घटना में दो की मौत और तीन दर्जन लोग घायल भी हो गए थे. इसके बाद रजरप्पा और गोला थाना में चार अलग अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई थीं.



