घाटशिला : जमशेदपुर से सटे घाटशिला अनुमंडल स्थित घाटशिला कॉलेज में सोमवार को एक हादसे में आठ छात्र घायल हो गये. इनमें तीन को स्थानीय अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी, जबकि तीन छात्रों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया है. जानकारी के अनुसार सोमवार को कॉलेज में अध्ययनरत इंटरमीडिएट आफ साइंस (आईएससी) के छात्रों के द्वारा प्रोजेक्ट वर्क के दौरान एक प्रदर्शनी लगायी गयी थी. इसमें छात्रों ने अपने-अपने स्तर से अलग-अलग मॉडल तैयार कर प्रदर्शित किया था. इन्हीं में से छात्रों के एक ग्रुप के द्वारा भौतिकी विषय के तहत राकेट लांचर बनाया गया था. प्रदर्शनी में उसका प्रदर्शन करने के दौरान राकेट लांचर ब्लास्ट कर गया, जिससे वहां उपस्थित आठ छात्र घायल हो गये. (नीचे भी पढ़ें)

ब्लास्ट के संबंध में कुछ लोगों को कहना है कि उसे बनाने में कुछ गड़बड़ी थी, जबकि आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि राकेट लांचर को आपरेट करने के दौरान छात्र से कोई गलत बटन दब गया, जिसकी वजह से वह ब्लास्ट कर गया. घटना को गंभारता से लेते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ आरके चौधरी के निर्देश पर सभी घायल छात्रों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. वहां उपचार के बाद पांच छात्रों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी, जबकि तीन छात्रों को गंभीरत अवस्था में बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया. डॉ चौधरी ने बताया कि वे तीन छात्र भी अब ठीक हैं. उन्होंने भी बताया कि राकेट लांचर आपरेट कर रहे छात्र से भूलवश कोई गलत बटन दब गया, जिससे वह ब्लास्ट कर गया. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
विस्फोट में छात्रा कुलसुम परवीन गंभीर रूप से घायल हैं. चिकित्सकों ने बताया कि उसका अचानक प्रेशर डाउन होने से अचेत अवस्था में है. शिक्षक मोहम्मद शाहिद इकबाल ने बताया कि मॉडल प्रदर्शनी के दौरान नफीस अख़्तर, कुलसुम परवीन एवं उमे अच्का द्वारा राकेट का मॉडल तैयार किया गया था. जिसका पहले पूरी तरह परीक्षण किया गया. सफल होने के बाद इसे प्रदर्शनी के लिए रखा गया. अतिथियों द्वारा अवलोकन किये जाने के दौरान छात्रों ने बताया कि यह रॉकेट उड़ कर ऊपर फटता भी है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
इसके बाद खुले जगह में इसे उड़ाने की तैयारी चल ही रही थी. उसी दौरान किसी दूसरे बच्चे ने उड़ने के बजाय फटने वाला बटन दबा दिया. इसके कारण जमीन पर ही रॉकेट फट गया. आसपास खड़े बच्चे इसकी चपेट में आ गए जिससे उन्हें चोटें आई हैं. इस रॉकेट मॉडल को बनाने में पोटैशियम, नाइट्रेट तथा शुगर का इस्तेमाल किया गया था. इसके जो भी मैटेरियल्स थे सभी पीवीसी के थे. इसका वजन लगभग दो किलो था. शिक्षकों ने बताया कि लगभग सभी बच्चे घबराए हुए हैं, परन्तु स्थिति सभी की सामान्य है. घायल छात्र-छात्राओं में मुख्य रूप से सौरभ नामाता, राहूल कैयवर्त, सुनील महको, अमन कुमार झा, आरती हेंब्रम, सुदीप साह, अभि अख्तर, कुलसुम परवीन शामिल है.




