गुड़ाबांधा / जमशेदपुर : विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर समूचे विश्व में समुदाय को पर्यावरण संरक्षण को प्रेरित करने, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने, रिसाइक्लिंग करने व मानवीय कार्यों से पर्यावरण का कम से कम नुकसान पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. प्रकृति दिवस के अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती प्रखंड गुड़ाबांधा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय गुड़ाबांधा से कोल्हान स्तरीय मेंस्ट्रुअल सॉलिडरिटी इनिशिएटिव की शुरुआत की गई. सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन, प्रोजेक्ट बाला व क्यूआरजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में मेंस्ट्रुअल सॉलिडरिटी इनिशिएटिव के माध्यम से किशोरियों व महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान रियूजेबल पैड के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है. बताते चले कि सामान्य सैनिटरी पैड का निस्तारण अब इंसानों के लिए बड़ी समस्या बन कर उभर रहा है. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक नैपकिन के नष्ट होने में सैकड़ों सालों तक का समय लगता है. (नीचे भी पढ़ें)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुड़ाबांधा में कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सहायक शिक्षक नव कुमार गिरी ने सुदूर गांवों से आने वाली किशोरियों के स्वास्थ्य चुनौतियों व सैनिटरी पैड के उपलब्धता से जुड़े विषयों के बारे में बताया. झारखंड के पैडमैन के नाम से जाने जाने वाले निश्चय के संस्थापक तरुण कुमार ने बच्चियों के साथ विस्तृत कार्यशाला आयोजित कर किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक व मानसिक बदलाव, हार्मोनल चेंज, पीरियड से जुड़े विज्ञान व उन दिनों में स्वच्छता हेतु सैनिटरी पैड के उपयोग, निस्तारण व किशोरियों के पोषण से जुड़े पहलुओं के बारे में बताया. कार्यशाला में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधि रेखा मंडल ने किशोरियों को रियूजेबल पैड का उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया. वहीं मौके पर उपस्थित किशोरियों ने एक पैड के बदले अपने अपने घरों में एक एक पेड़ लगाकर उसे बड़ा करने का भी संकल्प लिया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम को सफल बनाने में उत्क्रमित उच्च विद्यालय गुड़ाबांधा के प्रभारी प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र महाली, सहायक शिक्षक नव कुमार गिरी, दीपक कुमार मंगल, अनुराग पांडे, कृष्णा हांसदा, विजन कुमार मलिक, काली किंकर भुइंया व अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. मेंस्ट्रुअल सॉलिडरिटी इनिशिएटिव के तहत अगले माह विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस तक निश्चय अभियान से जुड़े कोल्हान भर के विभिन्न विद्यालयों व गांवों में स्वयंसेवकों के द्वारा लगभग 70 से ज्यादा माहवारी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान लगभग 5000 से ज्यादा किशोरियों व महिलाओं को रियूजेबल पैड का उपहार दिया जाएगा. अभियान का उद्देश्य मासिक धर्म और प्रजनन स्वास्थ्य को लैंगिक समानता व सशक्तिकरण के मूलभूत अंग के रूप में समाज में प्राथमिकता दिलाने हेतु जमीनी प्रयास करना है.



