जमशेदपुर : जमशेदपुर शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के बढ़ते कारोबार को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो लगा था कि नेटवर्क की कड़ियां खुलेंगी और सरगना तक पुलिस पहुंचेगी, लेकिन अचानक कार्रवाई थम गई. कार्रवाई के अचानक रुकने से संदेह पैदा होना स्वाभाविक है. जमशेदपुर सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी अब केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रह गई है. श्री राय के साथ संवाददाता सम्मेलन में जनता दल यूनाइटेड के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नीरज सिंह और पूर्व रेलवे अधिकारी मनोज सिंह भी थे. सरयू राय ने कहा कि यह युवाओं के भविष्य, परिवारों की सुरक्षा और समाज के अस्तित्व से जुड़ा गंभीर सवाल है. उन्होंने कहा कि शहर में ड्रग्स का कारोबार तेजी से फैल रहा है और इसकी पहुंच स्कूल-कॉलेजों तक होने की बातें सामने आ रही हैं. सरयू राय ने कहा कि जब पुलिस ने सट्टा और ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई की थी तो उन्होंने पुलिस की सराहना की थी. उनकी एसएसपी से भी बातचीत हुई थी. एसएसपी ने बताया था कि कार्रवाई के दौरान कई लिंक मिले हैं और आगे महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है. उन्हें उम्मीद थी कि पुलिस कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी और नेटवर्क के बड़े खिलाड़ियों तथा सरगनाओं तक पहुंचेगी. लेकिन कार्रवाई अचानक बंद हो गई. अगर कार्रवाई लगातार चलती रहती तो और लोग पकड़े जाते. संभव है कि सरगना भी पुलिस की गिरफ्त में आते. अचानक कार्रवाई बंद होने से सवाल उठना स्वाभाविक है. सरयू राय ने दो टूक कहा कि सरगनाओं को पकड़ना पुलिस का काम है. (नीचे भी पढ़ें)
सामाजिक संगठन और नागरिक केवल जागरूकता पैदा कर पुलिस को सहयोग कर सकते हैं. हम लोग सहयोग करते रहेंगे. श्री राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी का कारोबार पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के बिना लंबे समय तक नहीं चल सकता. जिस दिन पुलिस चाह लेगी, उसी दिन से यह धंधा रुक जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के अलावा अन्य विभागों में भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायतें हैं. कुछ अधिकारी काम करने में रुचि नहीं लेते. हालांकि उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अभियान पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि पुलिस के सहयोग से समाज को जागरूक करने का अभियान होगा. सरयू राय ने ड्रग्स और अपराध के बीच संबंध को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि ड्रग्स की जरूरत पूरी करने के लिए कुछ लोग छिनतई और चोरी जैसे अपराधों की ओर बढ़ते हैं. ड्रग्स की चाहत रखने वाले ही छिनतई करते हैं. यही लोग लोहा-तांबा चुरा कर बेचते हैं. बच्चों के ड्रग्स की गिरफ्त में आने का असर केवल उस बच्चे पर नहीं पड़ता, बल्कि पूरा परिवार टूट जाता है. जब बच्चे ड्रग्स लेकर घर आते हैं तो उनके घरवालों पर क्या बीतती होगी, यह समझा जा सकता है. सरयू राय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को लेकर भी पुलिस से सक्रिय होने की मांग की. उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक के दौर में ऑनलाइन सट्टेबाजी युवाओं की पहुंच में और आसान हो गई है. डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन आईडी और इंटरनेट आधारित नेटवर्क के जरिए चल रहे इस कारोबार की साइबर जांच जरूरी है. पुलिस को ऐसे नेटवर्क का स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
2 अक्टूबर को होगा ‘विचार क्रांति सम्मेलन’
श्री राय ने बताया कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को साकची स्थित धालभूम क्लब में सुबह 11 बजे ‘सट्टेबाजी एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा. इसके बाद सेवानिवृत्त भारतीय रेलवे के प्रशासनिक अधिकारी (पूर्व आइआरटीएस) मनोज सिंह के नेतृत्व में जन-जागरूकता अभियान चलाने के स्वरूप पर विचार किया जाएगा. इसके बाद अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ड्रग्स युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, मानसिक स्थिति और रोजगार की संभावनाओं को प्रभावित करता है, जबकि सट्टेबाजी युवाओं को जल्दी पैसा कमाने के भ्रम, कर्ज और आर्थिक संकट की ओर धकेल सकती है.







