
नई दिल्ली : पूर्व क्रिकेटर और मंत्री चेतन चौहान का 73 साल की उम्र में निधन हो गया. वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. चौहान को करीब 36 घंटे से जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. वे पिछले महीने कोरोना वायरस जांच में पॉजिटिव पाये गए थे. वह गुरूग्राम के अस्पताल में वेंटिलेटर पर इलाजरत थे.
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री 73 वर्षीय चौहान को 12 जुलाई को कोरोना जांच में पॉजिटिव पाये जाने के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था. किडनी संबंधित बीमारियों के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया जिससे उन्हें गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में शिफ्ट किया गया. शुक्रवार रात को उनके कई महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया और उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया.
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के एक सीनियर अधिकारी ने शनिवार को बताया था कि सुबह चेतन की किडनी ने काम करना बंद कर दिया और फिर कई अंगों ने. वह लाइफ सपोर्ट पर थे. भारत के लिए 40 टेस्ट खेलने वाले चौहान लंबे समय तक सुनील गावस्कर के सलामी जोड़ीदार रहे. वह दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ में भी विभिन्न पदों पर रहे और आस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर भी थे.
चेतन चौहान के परिवार में पत्नी और बेटा विनायक है. विनायक मेलबर्न से शाम तक यहां पहुंचेगा. उनके भाई पुष्पेंद्र चौहान ने कहा कि मेरे बड़े भाई चेतन चौहान बीमारी से लड़ते हुए आज हमें छोड़कर चले गए. मैं उन सभी का शुक्रिया करना चाहूंगा जिन्होंने उनके ठीक होने के लिए प्रार्थना की. उनका बेटा विनायक किसी भी समय पहुंच जाएगा और फिर हम उनका अंतिम संस्कार करेंगे.







