
संतोष वर्मा
चाईबासा : कोरोना काल में बड़ाजामदा नोवामुणडी थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लौह आयस्क का अवैध उत्खनन व तस्करी करने वाले माफियाओं के साथ ही क्रशर व माइंस संचालकों के विरुद्ध जिला प्रशासन व पुलिस ने ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। इस जांच को लेकर लौह आयस्क का अवैध कारोबार करने वाले माफियाओं के बीच हड़कंप है। बंद माइंस क्षेत्रों में हो रहे बड़े पैमाने पर अवौध लौह आयस्क का उत्खनन कर काला कारोबारियों के विरुद्ध उपायुक्त को शिकायत मिली थी. उसके बाद उपायुक्त अरवा राजकमल द्वारा एक जांच कमेटी का गठन कर मामले की जांच शुरू करा दी गयी है। सुत्रों की मानें तो उपायुक्त के द्वारा लौह आयस्क की हो रही कालाबजारी के मामला को लेकर एक जांच का आदेश जारी किया गया। इसी जांच के आदेश पर जगन्नाथपुर अनुमंडलाधिकारी स्मृति कुमारी के नेतृत्व में मामले की जांच करने को लेकर जगन्नाथपुर एसडीपीओ प्रदीप उरांव, अंचलाधिकारी नोवामुण्डी सुनील चंद्रा तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ बड़ाजामदा नोवामुण्डी माइंसो पर धावा बोला गया। सूचना है करीब 10-12 माइंसों की जांच करनी है, जिसमें जांच दल द्वारा करीब पांच से छह क्रशर और माइंसों की जांच की गई है। जांच के क्रम में शिकायत के अनुरूप कई गड़बड़ियां पायी गयी हैं, जो अवैध कालाबजारी होने का संकेत दे रहें है। साथ ही जांच दल द्वारा कई प्लांटो में प्लॉटों का भी मेजरमेंट कर कलम बंद किया गया है। फिलहाल जांच शुरू हो गई है और जांच अभी जारी है। ज्ञात हो कि खनिज संपदा से भरा-पूरा नोवामुण्डी, बडाजामदा क्षेत्र में लौह अयस्क का अवैध कारोबार फिर एक बार सुर्खियों में है। इस अवैध कार्य में छोटा सा किरदार निभाने वाला संतोष उर्फ डेबरा तथा राकेश ठाकुर और जॉनसन पूर्ति जैसे लोगों से आखिर कौन सफेद पोश लोग परदे के पीछे से लौह आयस्क की कालाबजारी इतने बड़े पैमाने पर करा रहे हैं और सरकार को करोड़ो रुपये का नुकसान करा कर अपने जेबें भर रहे हैं।







