
जमशेदपुर : तार कंपनी के बहुप्रतीक्षित इ-सीरीज के कर्मचारियों का ग्रेड किया गया एवं इस ग्रेड का डिटेल्स मिलने एबं बढ़ोतरी के बारे में सही जानकारी मिलने पर इ-सीरीज के कर्मचारियों में रोष का माहौल देखा गया. इससे कर्मचारियों में इस कार्यवाहक यूनियन के प्रति गुस्सा है. इन लोगो ने कहा कि इनके द्वारा किये गए ग्रेड उन लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा हैं. एक बैठक द्वारा सभी इ-सीरीज के कर्मचारियों ने कहा कि 2015 में इ-सीरीज का जो ग्रेड हुआ था इस बार उससे भी खराब किया गया है. 2015 के ग्रेड के अवधि 6 साल का था, पर कार्यवाहक यूनियन द्वारा इसे 7 साल किया गया है जो कर्मचारियों के साथ धोखा है. इन लोगों ने सत्ता में आने के लिए जो वादा किया था कि 6 साल का ग्रेड किया जाएगा उसके खिलाफ काम किया है. 2015 के ग्रेड में 2200 रुपये का मिनिमम बेनिफिट 6 साल के लिए बढ़ाया गया था, अब 2021 में एमजीबी 2500 रुपये 7 साल के लिए बढ़ाया गया है. अगर इसे 6 साल के लिए गणना किया जाए तो मात्र 2143 रुपये बनता है जो 2015 के ग्रेड की अपेक्षा काफी कम है. यूनियन द्वारा दिखाया गया कि ग्रॉस बेनिफिट 9000 रुपये बढ़ाया गया है लेकिन वास्तव में केवल 8200 रुपये दिखाई देता है एवं वेतन में डायरेक्ट बेनिफिट प्रति माह केवल 6500 रुपये की बढ़ोतरी होगी जो 7 साल के लिए है, अगर इसे 6 साल की अवधि में गणना किया जाए तो केवल 5571 रुपए की ही बढ़ोतरी दिखाई देती है. इन लोगों द्वारा इलेक्ट्रिसिटी यूनिट चार्ज एवं महंगाई भत्ता के पॉइंट के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है. यूनियन पिछले इलेक्शन में सिक लीव के मुद्दे पर सत्ता में आई थी लेकिन अभी भी यह लोग सिक लीव नहीं करा पाए. बैठक में गौरव बोस, शरत मिश्रा, सुरेंद्र प्रसाद, मनमीत सिंह, अर्जुन दास, शरत बेहरा, रंजन मिश्रा,जसविंदर सिंह, मनीष यादव, सतविंदर, त्रिलोक सिंह, राकेश कुमार, दिलीप महतो, अविनाश झा, देवाशीष घोष, पलविंदर सिंह, राजेश महतो, मलाई घोष, गौरव बोस, गौरंगो सरदार, मनीष कुमार, रंजीत कुमार साह,दिनेश प्रसाद, सुकलाल, अखिल महतो, सगीर अहमद, बिरजू त्रिपाठी, अमरिंदर सिंह आदि उपस्थित थे.




