
जमशेदपुर : जमशेदपुर में गुटखा के नाम पर जहर बेचा जा रहा था. चाहे पान पराग हो या फिर तिरंगा या फिर मोर या फिर अन्य सारी कंपनियों का डुप्लीकेट यहां बना जा रहा था. करोड़ों के इस कारोबार पर झारखंड सरकार द्वारा लगायी गयी पाबंदी के बाद ऐसे गिरोह झारखंड में इंट्री रुकने के बाद डुप्लीकेट पैकेट बनाकर ही बेच रहे थे. गुरुवार को गुटखा बनाने वाली एक फैक्ट्री बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह इलाके से पकड़ी गयी जबकि सोनारी थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की, जहां से पुलिस ने गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. आपको बता दें कि जमशेदपुर में लॉकडाउन लगने के बाद से ही गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. इसी को लेकर जमशेदपुर में गुरुवार को सभी थाना क्षेत्रों में गुटखा के खिलाफ बड़े पैमाने में अभियान चलाया गया. जहां देर शाम बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के धातकीडीह स्थित बी ब्लॉक में पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में कई नामी गिरामी ब्रांड के गुटखा बरामद किया वहीं सोनारी पुलिस ने भी कौंट्रेक्टर्स एरिया में हीरो होंडा की सर्विस सेंटर के पास छापेमारी कर भारी मात्रा में गुटखा बरामद किया है. पुलिस ने गोदाम से गुटखा बनाने की मशीन और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया है. बाजार में इसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है. इसको बिष्टुपुर कांट्रैक्टर्स एरिया के रहने वाले पुड़िया परिवार द्वारा संचालित करता था, जिसके दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इंकार कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार सोनारी पुलिस ने छापेमारी में कई ब्रांड का गुटखा भी बरामद किया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. (पूरी खबरें और नीचे पढ़े)
गुटखा वैसे भी जहरीला और ऊपर से जहर में जहर मिलाकर बेच रहे थे ये कारोबारी
गुटखा वैसे भी कैंसर का जनक माना जाता है. मुंह के कैंसर के सबसे बड़े जनक के तौर पर गुटखा को माना जाता है. करोड़ों का यहां हर माह कारोबार होता है. लेकिन इसमें भी डुप्लीकेसी होती थी. इसमें जो नशे का सामान मिलाया जाता था, वह जहरीला से भी ज्यादा बड़ा जहर होता है. इसकी अभी फोरेंसिक जांच होगी, जिसमें यह मालूम चलेगा कि किस तरह के जहरीला और घातक चीजें इसमें मिलायी जाती थी. सड़ी हुई सुपाड़ी का इस्तेमाल होता था और उसको कत्था से सूखा दिया जाता था जबकि उसमें जर्दा भी घटिया ही मिला दिया जाता था.(पूरी खबरें और नीचे पढ़े)
इस तरह के जहर के इस्तेमाल को रोकने के लिए इस तरह का अभियान जरूरी : आइएमए
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ मृत्युंजय सिंह ने बताया कि गुटखा घातक ही नहीं जानलेवा भी होता है. गुटखा से कैंसर होता है, लेकिन उसकी किस तरह डुप्लीकेसी की जाती होगी यह समझा जा सकता है. जहर के ऊपर से जहर का इस्तेमाल आप समझ सकते है कि किस तरह लोगों के जान के साथ खिलवाड़ हो रहा था. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है और इस तरह का अभियान भी जरूरी है.







