जमशेदपुर : डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नरभेराम हंसराज इंग्लिश स्कूल (एनएचईएस) के पूर्व छात्रों ने शनिवार को उड़िया मिडिल स्कूल, मानगो को एक एलसीडी मॉनिटर दान किया. यह प्रयास स्कूल के छात्रों को झारखंड सरकार के जे-गुरुजी ऐप से जोड़ने और पारंपरिक शिक्षा से डिजिटल शिक्षण की ओर कदम बढ़ाने के लिए किया गया है.यह सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय वर्तमान में 80 ऐसे छात्रों को शिक्षित कर रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं. स्कूल ने डिजिटल शिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तीन मॉनिटर की आवश्यकता जताई थी, जिनमें से एक मॉनिटर एनएचईएस के पूर्व छात्रों द्वारा उपलब्ध कराया गया. यह योगदान स्कूल की डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.(नीचे भी पढ़े)
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमन सरकार ने एनएचईएस पूर्व छात्रों का हृदय से स्वागत करते हुए आभार प्रकट किया. उन्होंने कहा, “मैं तहे दिल से आप सभी का मानगो उड़िया मिडिल स्कूल में स्वागत करती हूं. आपका यह नेक कदम दर्शाता है कि आप सरकारी स्कूल के बच्चों के प्रति कितने संवेदनशील हैं. उन्हें वास्तव में इस तरह की मदद की आवश्यकता है. प्रधानाचार्या ने कहा, “अब तक हमने पारंपरिक चाक और डस्टर की पद्धति को अपनाया है. लेकिन आपकी सहायता से हम डिजिटल शिक्षा की ओर अग्रसर हो सकते हैं. सरकार भी हमें सहयोग कर रही है, और आपके साथ से मैं अपने छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षा देने की कोशिश करूंगी. (नीचे भी पढ़े)
सुमन सरकार ने जे-गुरुजी ऐप की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला. यह एप्लिकेशन झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जो झारखंड पाठ्यक्रम से मेल खाती इंटरैक्टिव सामग्री और लाइव व रिकॉर्डेड कक्षाओं की सुविधा प्रदान करता है.इस अवसर पर उपस्थित एनएचईएस पूर्व छात्रों में आशीष गुप्ता, विकास केडिया, बालाजी पटेल, तरवीन भाटिया, भावना पटेल, धवल भगत, जसमीत और अनूप मिश्रा शामिल थे. उन्होंने साझा रूप से कहा, “छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं.”



