
जमशेदपुर : गत रविवार को फिलीपींस के मनीला में हत्यारों द्वारा मारे गए लौहनगरी जमशेदपुर के तरनजीत सिंह समी का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है. जमशेदपुर एवं देश के अलग-अलग हिस्सों से विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक ,धार्मिक संगठनों ने ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, कू जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार तक पीड़ित परिवार की आवाज़ पहुंचाई है. इसका नतीजा तब दिखा जब विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के दूत के रूप में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने मंत्री की ओर से कहा कि यदि परिजन कुछ दिनों का इंतजार करें तो तरनजीत का पार्थिव देह भारत में लाया जाएगा. नाना गुरदयाल सिंह, मामा गुरदीप सिंह पप्पू एवं मां जसवीर कौर ने शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मृत शरीर की बेअदबी नहीं चाहते हैं. भाई कुलदीप को बुधवार को अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी है. वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का शोक संदेश लेकर पूर्व भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले, शिव शंकर सिंह भी घरवालों से मिले और सांत्वना दी.
सांसद संजय सेठ ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा
इधर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, रांची के सांसद संजय सेठ, स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमुचू ने परिजनों से शोक जताया तथा संजय सेठ ने अपनी ओर से लिखित आग्रह भी प्रधानमंत्री से कर दिया है. (नीचे पढ़िये सूनी हो गयी मां की आस)

इंद्रजीत एवं शैलेंद्र ने प्रधानमंत्री को लिखित अनुरोध पत्र भेजा
तखत श्री हरिमंदिर साहिब जी पटना साहेब के उपाध्यक्ष सरदार इंद्रजीत सिंह, झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर तरनजीत सिंह का पार्थिव देह जमशेदपुर लाने की मांग की. वहीं मनीला में कुलदीप सिंह की सुरक्षा की व्यवस्था करने एवं पीड़ित परिवार को फिलीपींस के कानून के तहत न्याय देने की गुहार भी लगाई. इसकी प्रति विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रसाद, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सिखों के सर्वोच्च पीठ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी भाई साहब हरप्रीत सिंह को इसकी प्रति भेजी. इस प्रतिनिधिमंडल में जसवीर सिंह सिरे, सतवीर सिंह सोमू , कुलविंदर सिंह, सुधीर कुमार आदि शामिल थे.
बुधवार को होगा तरनजीत का अंतिम संस्कार
तरनजीत सिंह के पार्थिव देह का अंतिम संस्कार मनीला में बुधवार को वहां के समय अनुसार दोपहर एक बजे बाद कर दिया जाएगा. शरीर को डीकंपोज से बचाने के लिए मां जसवीर कौर ने वही अंतिम संस्कार करने का आग्रह अपने परिजन एवं भारत सरकार से किया है. घरवालों ने तरनजीत के फूल (अवशेष) भारत लाने का आग्रह किया है जिससे वे परंपरा के अनुसार अस्थि प्रवाह स्वदेश में कर सकें. (नीचे पढ़िये सूनी हो गयी मां की आस)

सूनी हुई मां जसवीर कौर की दुनिया
जवान बेटे तरनजीत सिंह समी की दर्दनाक मौत से मां जसवीर कौर की दुनिया सूनी हो गई है. मां जसवीर सिंह उस घड़ी को कोस रही है जब उन्होंने बेटे को फिलिपीन में जाकर रोजगार करने की इजाजत दे दी. मां जसवीर कौर का रविवार से रोते हुए बुरा हाल है और वह बात करते हुए बेसुध एवं बेहोश हो जाती है. वह सीतारामडेरा स्थित मायके में फिलहाल रह रही है, जहां बहने एवं पिता और भाई उसकी देखरेख फिलहाल कर रहे हैं. उसके अनुसार एक रिश्तेदार ने कहा कि फिलीपीन बेरोजगार के अच्छे अवसर हैं और उसने 15 लाख रुपए दिए और तब तरनजीत फिलीपिंस गया. वहां में रोजगार स्थापित करने के लिए विभिन्न माध्यम से लाखों रुपए भेजे हैं और इसके लिए उसे अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है. जसवीर कौर के अनुसार जब जब उसने बेटे को कहा कि वह लौट आए उसके बिना गुजर-बसर नहीं हो रहा है तब वह कहता था कि काम बढ़ गया है और एक नई दुकान खोलने जा रहा है. बहुत धन कमाकर लौटेगा और तब भविष्य अच्छा गुजरेगा. जसवीर कौर के अनुसार बेटे के लिए लड़की भी ढूंढ ली थी और उनके परिजनों के साथ शादी की बात चल रही थी और नवंबर में उसकी शादी करने की योजना थी. जसवीर कौर के अनुसार पारिवारिक कारणों से वह पिछले 15 साल से पति से अलग रहती है. उसने और उसके बेटे ने अपनी मेहनत से यहां तक मुकाम पाया था. पता नहीं किस की बुरी नजर लग गई और बेटे के साथ हादसा हो गया और वह भगवान के यहां चला गया. वह बार-बार रोते हुए कह रही है कि भगवान उसे ले जाता परंतु बेटे को अभी दुनिया देखनी थी. यही कारण है कि उसने भाई को कहा है कि वह तरनजीत को दूल्हे के रूप में सजा कर विदा करें और उसकी फोटो भेजे वह उसे दूल्हे के रूप में देखना चाहती थी. उसकी वह इच्छा पूरी कर दी जाए.





