
रांची/दुमका/बेरमो : झारखंड के दो सीट बेरमो और दुमका पर मंगलवार को उपचुनाव हुए. इस उपचुनाव में मतदाताओं में काफी जोश दिखा. यह चुनाव कई मायने में महत्वपूर्ण था, जिस कारण पूरे झारखंड की राजनीति से जुड़े लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला जबकि सबकी निगाहें इस पर ही टिकी रही. सोशल डिस्टेंस और मास्क के बीच लोगों ने मतदान सुबह 7 बजे से किया. सुबह से ही मतदाताओं की कतार लगी हुई थी. थर्मल स्कैनर से पहले सभी के बॉडी के तापमान की जांच की गयी, जिसके बाद ही लोगों को मतदान स्थल पर इंट्री दी गयी. मतदान को लेकर लोगों में उत्साह दिखा और दोपहर 3 बजे तक बेरमो में 56.30 फीसदी मतदान हुआ जबकि दुमका में कुल 59.10 फीसदी मतदान हुए. बेरमो में कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 12 हजार 507 है जबकि दुमका में कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 50 हजार 720 है. बेरमो में 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है जबकि 12 उम्मीदवार दुमका में चुनाव लड़ रहे है.

दुमका में सुबह 7 बजे से लेकर शाम के पांच बजे तक मतदान होना है जबकि बेरमो में सुबह 7 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक मतदान होना है. 10 नवंबर को चुनाव का परिणाम आने वाला है. यह दो सीट का चुनाव कई मायने में महत्वपूर्ण है. दुमका विधानसभा सीट पर झामुमो के प्रत्याशी बसंत सोरेन के साथ पूर्व मंत्री और भाजपा की प्रत्याशी लुइस मरांडी के बीच सीधी टक्कर है. इस सीट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुनाव जीते थे, जिनके उस सीट से इस्तीफा देने के बाद चुनाव हो रहा है और यह सीट सोरेन परिवार का पारिवारिक सीट माना जाता रहा है, ऐसे में इस सीट पर जीतना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय है. इसके अलावा बेरमो में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री राजेंद्र सिंह के निधन होने के बाद सीट खाली हुई है, जहां से राजेंद्र बाबू के बेटे कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह चुनाव लड़ रहे है और उनके खिलाफ भाजपा के नेता योगेश्वर महतो बाटुल चुनावी मैदान में है. भाजपा के लिए ये दोनों सीट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा में बाबूलाल मरांडी की वापसी के बाद उनका करिश्मा जनता में कितना है, यह भी दिख जायेगा जबकि खुद भाजपा की क्या स्थिति है, इसका भी आकलन सामने आ जायेगा. झामुमो के साथ कांग्रेस के लिए भी यह सीट करो या मरो के लिए है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला सीट होगा.






