रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी हुंकार भरी. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के मानबाजार और काशीपुर विधानसभा में चुनाव प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने टीएमसी के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा भाजपा सिर्फ आदिवासी विरोधी है. आप सभी को पता होगा भाजपा शासित राज्य में आदिवासी समाज के साथ आये दिन कितना शोषण और अत्याचार किया जा रहा है. अभी देश में कुछ राज्यों में चुनाव हुए, कुछ राज्यों में चुनाव हो रहा है. सब जगह एक ही चरण में चुनाव हो रहा है. असम में एक चरण में चुनाव हुआ, मगर बंगाल में दो चरण में चुनाव हो रहा है. (नीचे भी पढ़े)

आपको मालूम है यहां ऐसा क्यूं हो रहा है.यहां भाजपा चुनाव नहीं लड़ रही है. यह चुनाव इलेक्शन कमीशन लड़ रहा है. पूरे देश की फोर्सेस को यहां बंगाल में भेजा गया है गरीब-गुरुबा लोगों को डराने-धमकाने के लिए. सीएम ने कहा कि आदिवासी, कभी किसी से डरा है क्या? हम भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हु, फूलो- झानो के वंशज हैं. हम डरने वाले लोग नहीं, भिड़ने वाले लोग हैं. मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल का हर एक वर्ग – आदिवासी, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक, अमीर, गरीब – सभी वर्ग ममता दीदी के साथ खड़ा है. काशीपुर की धरती पर उमड़े जनसैलाब ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता अन्याय, विभाजन और नफरत की राजनीति को नकार चुकी है. यह चुनाव सिर्फ सरकार चुनने का नहीं, बल्कि अपनी अस्मिता, अपने अधिकार और अपने भविष्य की रक्षा का चुनाव है. (नीचे भी पढ़े)

तृणमूल कांग्रेस ने झामुमो की तरह हमेशा जनहित, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की राजनीति की है और यही रास्ता देश को आगे ले जा सकता है. आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, विपक्ष की आवाज दबाने और समाज को बांटने की कोशिश हो रही है. ऐसे समय में पश्चिम बंगाल की जनता ने हमेशा की तरह एक मजबूत संदेश देने का काम किया है कि यहां की राजनीति विकास, भाईचारे और सम्मान की होगी, न कि डर और विभाजन की. बंगाल का यह चुनाव एक निर्णायक चुनाव है. ममता दीदी अकेले भाजपा जैसी फिरकापरस्त पार्टी के साथ लड़ रही है. हम भी ममता दीदी की इस लड़ाई में उनके साथ हैं.



