जादूगोड़ा: भले ही झामुमो के संस्थापक दिशोम गुरु स्वास्थ्य और उम्र को लेकर राजनीतिक हाशिए में चले गए है लेकिन आज भी आदिवासियों के दिलों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन ही बसते है, जिसका जीवंत उदाहरण पोटका प्रखण्ड के एक गांव माटकू में देखने को मिला. यहां के एक आदिवासी परिवार द्वारा अपने ही घरों के दीवारों पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन पेंटिंग देखने को मिल जाएगी. यह पेंटिंग लोगों को आकर्षित कर रही है और उन्हें आज आदर्श के तौर पर आदिवासी बहुल गांव याद करती है. इस गांव से गुजरने वाले लोग शिबू सोरेन की तस्वीर को नमन कर आगे बढ़ जाते है और भगवान के रूप में पूजते है. लेकिन इस पंचायत का अन्य टोला समस्याओं का अंबार में जकड़ी हुई है, जिसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है.



