रांची : झारखण्ड राज्य में सामान्य से कम तथा विशेषकर मॉनसून के प्रारंभ में औसत से कम वर्षापात होने के कारण झारखण्ड राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडों के किसान परिवारों को तत्काल सूखा राहत देने हेतु मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना लागू किया गया. योजना के अंतर्गत सूखा प्रभावित किसान परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने हेतु 3500 रुपये की अनुग्राहिक राहत राशि अग्रिम दिए जाने का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री, झारखण्ड द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर 2022 को योजना का शुभारंभ किया गया एवं योजना के वेब पोर्टल https://msry. jharkhand.gov.in पर किसानों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई. योजना के तहत सूखा प्रभावित किसानों द्वारा तीन श्रेणियों में, (क) इस वर्ष बुआई नहीं कर पाने वाले किसान, (ख) 33% से ज्यादा फसल क्षति वाले किसान, एवं (ग) भूमिहीन कृषक मजदूरों द्वारा आवेदन किया जा रहा है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। दिनांक 27 दिसंबर 2022 तक कुल 25,84,863 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया गया है। कुल आवेदकों में से (क) श्रेणी के आवेदको की संख्या 12,43,607 (ख) 33% से ज्यादा फसल क्षति वाले किसानों की संख्या 9,24,930 एवं (ग) भूमिहीन कृषक मजदूरों की संख्या 4,16,326 है. सरकार गठन के तृतीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत प्रथम चरण में राज्य के 6,63,910 लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से तात्कालिक सूखा राहत हेतु कुल 2,32,36,85,000 रुपए अनुग्राहिक राशि का अंतरण किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है. इस योजना के तहत बालिका शिक्षा पर बल दिया गया है. बाल विवाह प्रथा का अन्त, उच्चतर कक्षाओं की बालिकाओं के शैक्षणिक व्यय में सहयोग कर उनके विद्यालय परित्याग की प्रवृत्ति को कम करने का प्रयास है. किशोरियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करना, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं वैयक्तिक स्वच्छता हेतु सहायता एवं किशोरियों को अपने जीवन के संबंध में स्वतंत्र निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाना इस योजना का उद्देश्य है. इस हेतु सरकार द्वारा लाभुक वर्ग कक्षा 8 एवं 9 में नामांकित बालिका को 2,500 रुपये की राशि, कक्षा 10, 11 एवं 12 में नामांकित बालिका को 5,000 रुपयेकी राशि के आर्थिक लाभ दिए जा रहें हैं , वहीं 18-19 वर्ष आयु की बालिका को एकमुश्त अनुदान 20,000 रुपये से लाभान्वित कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा इस योजना के तहत कुल 5,52,685 बालिकाओं के बीच कुल 2,192,991,500 रुपये की राशि आवंटित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा झारखण्ड राज्य में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने एवं ड्रॉपआउट की संख्या को कम करने के उद्देश्य से प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में कक्षा-1 से उच्च स्तर तक अध्ययन के लिए छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है. प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनूसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए पूर्व में कक्षा I से V के लिए 500 रुपये को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया. अन्य वर्गों के छात्र-छात्राओं को भी पूर्व की दर से लगभग दोगुना राशि का प्रावधान किया गया है. राशि का भुगतान पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में किया जाता है. पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए पूर्व के अधिकतम 50,000 रुपये छात्रवृत्ति राशि की सीमा को बढ़ाते हुए अधिकतम 1,00,000 रुपये कर दी गयी है. वहीं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति हेतु निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है एवं प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन को सरल किया गया है. प्रत्येक छात्र-छात्रा को यूनिक आइडी प्रदान किया जा रहा है. डुप्लीकेसी रोकने के लिए आधार को जोड़ना और एसएमएस के माध्यम से प्रत्येक चरण एवं प्राप्त शिकायत के निपटारा हेतु इलेक्ट्रॉनिक माध्यम आदि का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में वर्त्तमान में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु कुल पंजीकृत 29 लाख छात्र-छात्राओं के बीच से 25 लाख छात्र-छात्राओं को लगभग 500 करोड़ रुपये भुगतान की प्रक्रिया को भी आज प्रारंभ कर दी गई है. (नीचे भी पढ़ें)
सूचना प्रोद्यौगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग के जोहार परियोजना पोर्टल की लॉन्चिंग
झारखण्ड सरकार, राज्य के विभिन्न जिलों, निदेशालयों एवं एजेंसियों की परियोजनाओं का त्वरित गति से क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण करने हेतु दृढ संकल्पित राज्य सरकार द्वारा “जोहार परियोजना पोर्टल” विकसित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य “मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत एवं शिलान्यास किये गए परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण करते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाना है.” इस पोर्टल की निम्न विशेषताएँ हैं, जैसे- परियोजनाओं हेतु प्राथमिकता का निर्धारण, संरचना आधारित एवं गैर-संरचना आधारित परियोजनाओं का वर्गीकरण, परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का अनुश्रवण करना. इसके साथ ही परियोजनाओं के लिए कार्य योजना बनाते हुए माइलस्टोन तैयार करना, चर्चा सूत्र तैयार करने, अंतर- विभागीय समन्वय स्थापित करने तथा परियोजनाओं के बेहतर अनुश्रवण हेतु उपयोगकर्ता अपने अनुरूप रेड फ्लैट या वाचलिस्ट के रूप में चिन्हित करना आदि. उक्त के अलावा यदि किसी परियोजना में कई विभाग जुड़े हुए हों, तो उसे चिन्हित करते हुए इसकी सूचना संबंधित विभागों पर दिखेगी ताकि संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध तरीके से उनसे संबंधित कार्यों का निर्वहन किया जा सके. (नीचे भी पढ़ें)

जोहार खिलाड़ी वेबपोर्टल हुआ लॉन्च
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पर्यटन, कला–संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा खेल संबंधी विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन एवं संचालन हेतु जोहर खिलाड़ी पोर्टल का निर्माण किया गया है. इस पोर्टल द्वारा खेल के विकास हेतु आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उसके रख-रखाव में भी सहायता होगी. इस पोर्टल से खेल और खिलाड़ियों से संबंधित सभी विषयों को एक स्थान पर लाया जा सकेगा ,जिससे खेल इको सिस्टम को पूर्णत पेपर लेस बनाया जा सकेगा. पोर्टल का मुख्य उद्देश्य सभी खिलाड़ियों का डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध कराना है. राज्य के सभी स्तरों पर खेल संस्कृति के विकास को बढ़ावा देना, खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जमीनी स्तर पर झारखण्ड की खेल प्रतिभाओं की पहचान करना एवं राज्य के युवाओं का आर्थिक एवं समाजिक विकास सुनिश्चित करना है. (नीचे भी पढ़ें)

आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार योजना के स्टेटस रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन
इस अवसर पर आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार योजना के स्टेटस रिपोर्ट से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया गया. इस पुस्तिका में इस वर्ष 2 चरणों में पहला 12 अक्टूबर 2022 से 22 अक्टूबर 2022 तक एवं 1 नवम्बर 2022 से 14 नवम्बर 2022 तक चल रहे योजना की विवरणी दी गयी है. इस योजना के तहत पूरे राज्य के लोगों के बीच सरकार के पदाधिकारियों ने उनके घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को जाना एवं उसका निवारण भी किया. राज्य में इस योजना के तहत कुल 5,696 शिविर आयोजित किया गया जिसमें कुल 55.44 लाख प्राप्त आवेदनों में कुल 50.75 लाख समस्याओं का निष्पादन कर दिया गया है वहीं 3.7 लाख आवेदनों के निष्पादन हेतु कार्य किये जा रहे हैं.
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के कॉम्पेडियम का हुआ अनावरण
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर झारखण्ड राज्य के गठन के पश्चात् विगत 22 वर्षों में पहली बार कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के द्वारा विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों का एक विषयवार समेकित संकलन, जो चार खण्डों (खण्ड-2 दो भाग में) कुल पाँच पुस्तिकाओं में समाहित है, के कॉम्पेडियम का भी अनावरण किया . इस संकलन में जहाँ कार्मिक प्रबंधन से संबंधित सभी आयाम (यथा कार्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति, आरक्षण, विभागीय कार्यवाही, अनुशासनात्मक कार्रवाई, आचार, सेवानिवृत्ति आदि) शामिल हैं, वहीं विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों से संबंधित अद्यतन सभी तथ्यों को नये कलेवर में प्रस्तुत किया गया है. इस संकलन से विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों की उपलब्धता सर्वसुलभ हो सकेगी तथा सरकार के स्तर पर निर्णय लेने में सुविधा होगी। इस संकलन को भविष्य में नियमित अंतराल के पश्चात् अद्यतन भी किया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास का खाका बताया
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार के 3 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस दौरान हमने कई उतार-चढ़ाव देखे. कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से हमारा सामना हुआ. इस दौरान देश- दुनिया की तमाम व्यवस्थाएं ठप्प सी हो गई. झारखंड भी इससे अछूता नहीं रहा. लेकिन, हमारी सरकार ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया. हमने हार नहीं मानी और इस आपदा को अवसर के रूप में लिया. इसी का नतीजा रहा कि आप सभी के सहयोग से इस महामारी से निपटने में कामयाब हुए. इसके उपरांत विकास की गति को तेज करने की संकल्पना के साथ कई योजनाओं को शुरू किया, जिसका लाभ आज राज्य के कोने -कोने में रहने वाले लोगों को मिल रहा है. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज वर्तमान राज्य सरकार के 3 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में झारखंड मंत्रालय सभागार में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कही. उन्होंने कहा कि सरकार जिस सोच और उद्देश्य के साथ काम कर रही है, उससे यहां के लोग भी आगे बढ़ेंगे और राज्य भी आगे बढ़ेगा.
हमारे राज्य में काफी क्षमताएं हैं. (नीचे भी पढ़ें)
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में काफी क्षमताएं हैं. यहां खनिज समेत वैसे सभी संसाधन मौजूद हैं , जो राज्य को विकास के मार्ग पर आगे ले जा सकते हैं. लेकिन, पिछले 20 वर्षों में किन्ही न किन्ही वजहों से राज्य में विकास का माहौल नहीं बन सका. हमारी सरकार अब विकास को नई दिशा देने के काम में जुट गई है. इसके लिए वातावरण तैयार किया जा रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहां के संसाधनों का अगर सदुपयोग सही तरीके से हुआ तो झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा होगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार समेत सभी क्षेत्रों में हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य हो रहे हैं. किसानों, मजदूरों, सरकारी कर्मियों, बुजुर्गों, महिलाओं, नौजवानों सहित हर वर्ग और तबके के लिए योजनाएं चला रहे हैं. हमारी सरकार ने लक्ष्य तय कर रखा है और उसी के अनुरूप कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है.
आज उत्साह का दिन, बड़े समूह को मिला योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज पूरे राज्य के लिए हर्ष उल्लास और उत्साह का दिन है. सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कई योजनाओं और पोर्टल का शुभारंभ हुआ है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री सूखा राहत योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और प्री- मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभुकों के बीच डीबीटी के माध्यम से लगभग 951 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं. हमारी सरकार इसी मकसद के साथ कार्य कर रही है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके.
अभी लम्बा सफर तय करना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद पिछले 20 वर्षों में किसी भी सरकार को ऐसी चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ा, जैसा की हमारी सरकार के गठन के महज कुछ ही महीनों के बाद कोरोना जैसी महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया. 2 वर्षों तक कोरोना से हम जंग लड़ते रहे। इस दौरान हमारी सरकार ने बेहतर प्रबंधन के जरिए न सिर्फ जीविका को बचाया, बल्कि जीविकोपार्जन के भी साधन लोगों को उपलब्ध कराए. आज विकास को तेज करने का कार्य पूरी क्षमता और ताकत के साथ सरकार कर रही है। लेकिन, यह शुरुआत है। अभी हमें आगे लम्बा सफर तय करना है । झारखंड को विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है. (नीचे भी पढ़ें)
सरकार ने जो कहा, वह कर रही है
इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर रही है. सरकार ने जो कहा है, उसे पूरा कर रही है. लोगों को रोजगार देने का काम किया जा रहा है. किसानों को पहली बार सुखा राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण विकास की कई योजनाएं धरातल पर उतर रही है। सरकार के कार्यों से हर तरफ हर्ष का माहौल है. (नीचे भी पढ़ें)
सरकार ने 3 सालों में बेहतरीन कार्य किए, आने वाले 2 वर्षों में कई और कार्य होंगे
श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले 3 वर्षों में विभिन्न चुनौतियों के बीच बेहतरीन कार्य किए हैं. सरकार की योजनाओं और कार्यों का जनता को सीधा लाभ मिल रहा है. हर तबके को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. अगले 2 वर्षों में भी सरकार ऐसे कार्य करेगी, जो इस राज्य के लिए मिसाल साबित होगा. इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक बसंत सोरेन, दीपिका पांडे सिंह, राजेश कच्छप, प्रदीप यादव, अंबा प्रसाद, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, कार्मिक प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव और विभिन्न जिलों में प्रभारी मंत्री, उपायुक्त और लाभुक ऑनलाइन जुड़े थे.



