
रांची : झारखंड के बड़े नक्सली और सरायकेला-खरसावां समेत कोल्हान इलाके में सक्रिय रहे माओवादी जोनल कमांडर महाराज प्रमाणिक उर्फ राज उर्फ बबलू उर्फ अशोक से लगातार एनआइए पूछताछ कर रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए ने पांच दिनों के लिए नक्सली को रिमांड पर लिया था. महाराज प्रमाणिक को एनआइए ने पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल के पास स्थित लांजी में नक्सलियों के हमले में मारे गये पुलिसवालों के मामले में पूछताछ की है. चार मार्च 2021 को नक्सलियों ने यह हमला किया था. पश्चिम सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी पहाड़ पर झारखंड जगुआ के तीन जवान उस दिन शहीद हो गये थे, जिसका अनुसंधान एनआइए द्वारा किया जा रहा है. बताया जाता है कि नक्सली महाराज प्रमाणिक ने कई सारे राज एनआइए के समक्ष उगले है. उसने यह बताया है कि डायरेक्शनल बम यानी पाइप बम के जरिये पुलिस पर हमला बोला था, जिसमें तीन जवान शहीद हुए थे. मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से 700 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जैकी पराधी ने पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर तक पहुंचायी थी. जैकी पराधी मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र के हीरापुर का रहने वाला है. उसने पश्चिम सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के हरजोरा निवासी सुखराम रामताई उर्फ सुखराम तमारिया और सोरतो महाली को चक्रधरपुर में विस्फोटक का खेप पहुंचाया था. इसी विस्फोटक के माध्यम से नक्सलियों ने डायरेक्शनल बम बनाया और उससे पुलिसवालों पर हमला बोला था. महाराज प्रमाणिक ने एनआइए को जानकारी दी है कि लांजी पहाड़ी पर डायरेक्शन बम से हमले का प्लान एक करोड़ के ईनामी नक्सली और सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल उर्फ रमेश मांझी ने बनाया था. लांची में छह और सात फरवरी 2021 को दो दिनों तक पुलिस के साथ एक-एक घंटे तक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें नक्सली भाग निकले थे क्योंकि पुलिस काफी आक्राम थी. माओवादियों का सामान पुलिस ने वहां से जब्त किया था. इसका बदला लेने के लिए और सारंडी में पुलिस की पकड़ को कमजोर करने के लिए अनल दस्ता ने इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाया था और तीन नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था.





