
रांची : झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कमल नयन चौबे ने रांची स्थित सभागार कक्ष में बैठक की. अपराध व नक्सल की समस्या पर विस्तार से विचार किया गया. बैठक में डीजीपी द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए पुलिस महानिरीक्षक के पद पर नवप्रोन्नत साकेत कुमार सिंह को पुलिस महानिरीक्षक का बैच लगाया गया. पुलिस महानिदेशक द्वारा सभी पुलिस पदाधिकारियों को बीते पिछले सभी महत्वपूर्ण त्योहारों को बिना किसी बिघ्न के सफलतापूर्वक मनाये जाने पर बधाई दी. डीजीपी द्वारा नक्सलियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियानों के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गयी तथा झारखण्ड को नक्सल और अपराध मुक्त बनाने के लिए नक्सलियों एवं अपराधियों के सम्पत्ति को जब्त करने में तत्परतापूर्ण कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों, सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों से उनके खुफिया तंत्रों को मजबूत करने, स्वयं अभियान का नेतृत्व करने सहित अपने जिले में उपलब्ध बलों का समुचित उपयोग करने हेतु निर्देशित किया. उन्होंने सभी वरीय पुलिस अधिकारियों से अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा सजा दिलाने का विधि-सम्मत् प्रयास करने पर व्यापक चर्चा की. पुलिस और थानों की अहमियत को देखते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों का आम जनता के प्रति मानवीय और संवेदनशील व्यवहार हो इसलिये उन्हें इस दिशा में प्रशिक्षित करने के लिये समुचित प्रयास करने का दिशा-निर्देश दिया. साथ ही वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न जिलों में प्रतिनियुक्त तकरीबन 2500 पुलिस अवर निरीक्षकों से सही ढंग से कार्य लेने हेतु निर्देश दिया. झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ विस्तृत चर्चा की गई. चूंकि, राज्य में नक्सलवाद अपने समाप्ति की ओर है इसलिये वे इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग द्वारा दिये गए सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुये भयमुक्त वातावरण में शांतिपूर्ण एवं स्वच्छ चुनाव कराये जाने का पूरा प्रयास करने का आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया. चुनाव के दौरान वीवीआइपी एवं वीआइपी को सुरक्षा उपलब्ध कराने हेतु विशेष ध्यान दिये जाने का निर्देश दिया. डीजीपी द्वारा राज्य के सामान्य नागरिक जो अपने परिवार के साथ रात्रि में बेखौफ होकर सुरक्षित रहें इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने राज्य के सभी थानों, ओपी के निरीक्षण, थाना की सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा, लंबित विभागीय कार्रवाई के निष्पादन, काण्डों का निष्पादन एवं काण्डों के पर्यवेक्षण से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत निर्देश दिया. राज्य में बढ़ते साईबर अपराध पर चिंता व्यक्त करते डीजीपी ने इस दिशा में रोक लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने राज्य में साइबर अपराध से ग्रसित जिलों में जागरूकता अभियान चलाकर रोकथाम करने का भी निर्देश दिया. पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रत्येक माह साईबर अपराध से ग्रसित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जाते रहे हैं. उस पर कार्रवाई की आवश्यकता है. लोगों को भी जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. बैठक के क्रम में क्षेत्रवार सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षकों के साथ जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों द्वारा झारखण्ड राज्य में नक्सल एवं आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर उन पर अंकुश लगाने के लिए स्ट्रेटजिक प्लान तथा नक्सल काण्डों की मॉनिटरिंग की प्रस्तुतियों सहित अन्य जानकारी दी गयीं. बैठक में पुलिस महानिदेशक के अलावा सभी स्तर के वरीय अधिकारी मौजूद थे.



