पुणे: महाराष्ट्र के पुणे के हिंजवाड़ी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया. यहां एक एसयूवी में अचानक आग लगने से 4 कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई. सभी मृतक व्योमा ग्राफिक्स कंपनी के कर्मचारी थे. घटना सुबह करीब 7 बजे की है और इसकी भयावहता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हिंजवाड़ी फेज वन में जब ड्राइवर को गाड़ी के नीचे से धुआं उठता दिखा, तो उसने तुरंत वाहन रोक दिया. सामने बैठे ड्राइवर और एक अन्य कर्मचारी किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन पीछे बैठे 4 लोग बाहर नहीं निकल सके. बताया जा रहा है कि पिछले दरवाजे के लॉक होने की वजह से वे अंदर ही फंसे रह गए और आग की लपटों में घिरकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई.(नीचे भी पढ़े)
यह हादसा तब हुआ, जब एक टेम्पो ट्रैवलर कर्मचारियों को उनके ऑफिस छोड़ने जा रहा था. हिंजवाड़ी के पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ के अनुसार, गाड़ी जब डसॉल्ट सिस्टम्स के पास थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई. चालक ने जैसे ही आग महसूस की, उसने वाहन धीमा कर दिया, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी. कुछ कर्मचारी बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन चार लोग बाहर नहीं आ सके और जलकर दम तोड़ दिया.इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. आसपास के लोग आग बुझाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया. वहीं, चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुट गई है.यह हादसा एक बार फिर से सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है. आखिर क्यों गाड़ियों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी होती है? क्या इस तरह के हादसों को टाला नहीं जा सकता था? जांच में आने वाले खुलासे ही इन सवालों के जवाब देंगे.



