
नयी दिल्ली : कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप और तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूरे ओड़िशा में रथ यात्रा निकालने पर पाबंदी लगा दी है. कोर्ट ने सिर्फ पुरी में जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा निकालने की अनुमति दी है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने पूरे राज्य में रथ यात्रा निकालने वाली दायर याचिका को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कोविड के फैलने की आशंका को देखते हुए ओड़िशा सरकार के आदेश से सहमत है. बता दें कि ओड़िशा सरकार ने केवल पुरी में रथ यात्रा की अनुमति दी है और अन्य सभी जगन्नाथ मंदिरों के मंदिर परिसर में अनुष्ठान की अनुमति दी है. कोर्ट में दायर याचिकाओं में बारीपदा, सासांग और ओड़िशा के अन्य शहरों में रथ यात्रा की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट से रथ यात्रा निकालने की मंजूरी नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि भगवान हमें अगले साल इन अनुष्ठानों की अनुमति देंगे. चीफ जस्टिस एनवी रमण ने याचिकाकर्ता से कहा,’आप भगवान से प्रार्थना करना चाहते हैं. आप इसे घर से कर सकते हैं. मैं भी पुरी जाना चाहता था, लेकिन मैं पिछले डेढ़ साल में नहीं जा सका. सरकार ने पुरी को छोड़कर अन्य जगहों पर रथ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी है. बता दें कि इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुझाव दिया था कि लोगों की संख्या को सीमित कर और प्रतिबंधों के साथ यात्राओं की अनुमति दी जा सकती है.



