जमशेदपुर : टाटा स्टील ने ‘जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (जेएफएसपीएल) में अपने इक्विटी शेयर चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब को नाममात्र राशि में सौंपने पर सहमति जताई है. यह हस्तांतरण ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन) के नियमों के अनुसार किया गया है. इसमें क्लब का इंडियन सुपर लीग (आइएसएल) स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों का हस्तांतरण भी शामिल है. टाटा स्टील लिमिटेड और चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब ने इस संबंध में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. सितंबर से चर्चिल ब्रदर्स, जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी संभालेगा. इससे उन्हें आइएसएल में अपने पेशेवर फुटबॉल करियर को जारी रखने का अवसर मिलेगा. चर्चिल ब्रदर्स का गोवा में लगभग चार दशकों का फुटबॉल इतिहास रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
क्लब ने दो बार आई-लीग का खिताब जीता है और भारतीय घरेलू फुटबॉल में उसका मजबूत रिकॉर्ड रहा है. टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि चर्चिल ब्रदर्स का भारतीय फुटबॉल में लंबा इतिहास रहा है. हमें खुशी है कि इस समझौते से हमारे खिलाड़ियों और कोचों को क्लब फुटबॉल में अपना सफर जारी रखने का अवसर मिलेगा. इस बदलाव को सुचारू बनाने में सहयोग के लिए हम ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और चर्चिल ब्रदर्स का धन्यवाद करते हैं. टाटा स्टील स्थानीय और आदिवासी समुदायों, खासकर युवाओं की प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, ग्रासरूट स्तर और युवा फुटबॉल पर अपना फोकस बनाये रखेगी. इसमें टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए) भी शामिल है, जिसने 150 ऐसे कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया है, जिन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है. (नीचे भी पढ़ें)
इनमें विभिन्न आयु वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के 26 कप्तान भी शामिल हैं. हम अपने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने और बेहतर बनाने के साथ-साथ उसे ग्रासरूट स्तर के फुटबॉल और खिलाड़ियों के विकास के लिए उपयोग में लाते रहेंगे. हम ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के सहयोग से अपनी यूथ सिस्टम को आधुनिक बनाएंगे, उसमें निवेश करेंगे और उसकी क्षमता को और मजबूत करेंगे. टाटा स्टील में खेल जीवन जीने का अंदाज़ है और कंपनी की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं. खेलों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को अवसर देने और प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ स्वास्थ्य, समावेशन, अनुशासन और उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया जाता है. कंपनी ग्रासरूट स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने, अधिक से अधिक लोगों तक खेलों की पहुंच बढ़ाने और भारत के खेल से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करने की अपनी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता पर कायम है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा फुटबॉल अकादमी (टीएफए) की स्थापना 1987 में जमशेदपुर में हुई थी. अब तक यहां 300 से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 150 ने भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है. झारखंड की अंडर-14 और अंडर-16 टीमों में शामिल अधिकांश खिलाड़ी टाटा स्टील फाउंडेशन के फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्रों से आए हैं. ये केंद्र आदिवासी समुदायों के साथ मिलकर काम करते हैं. फुटबॉल के अलावा, टाटा स्टील तीरंदाजी, हॉकी, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग और रोइंग जैसे खेलों में विश्वस्तरीय खेल अकादमियां भी संचालित करती है. कंपनी विश्वस्तरीय मैराथन और शतरंज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन करती है. टाटा आर्चरी अकादमी भारत की प्रमुख तीरंदाजी संस्थाओं में से एक है. पिछले 25 वर्षों में यहां 180 से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 8 ओलंपियन शामिल हैं. नवल टाटा हॉकी अकादमी 3 रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और 32 ग्रासरूट स्तर के केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय कोचिंग, हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग, पोषण और मानसिक प्रशिक्षण प्रदान करती है.




