जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल (पहले जुस्को) के कर्मचारियों का बोनस समझौता नहीं हो पाया है. शहर की बड़ी कंपनियों में से एक इस कंपनी के बोनस पर भी सबकी निगाहे हैं. कंपनी को चूंकि घाटा हुआ है, इस कारण यह आशंका जतायी जा रही है कि इस बार के बोनस में भी घाटे की आशंका है. सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 करोड़ रुपये तक का घाटा (पिछले साल से मुनाफा घटा) कंपनी को इस साल हुआ है. ऐसे में बोनस को लेकर तय पैमाने के मुताबिक, पिछले बार से करीब 1.50 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक कमी आ सकती है, लेकिन टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड सर्विसेज यूनियन की ओर से मैनेजमेंट के साथ लगातार टेबल टॉक किया जा रहा है. यह कोशिश हो रही है कि बेहतर बोनस विपरीत परिस्थितियों में किया जा सके. करीब 700 से अधिक कर्मचारियों का बोनस समझौता होना है.(नीचे भी पढ़े)
पिछले साल टाटा स्टील यूआइएसएल के कर्मचारियों को 18.37 फीसदी बोनस मिला था. 22 सितंबर 2024 को समझौता हुआ था. कंपनी ने पिछले साल बोनस मद में 7.91 करोड़ 30 हजार रुपये दिया था. 2023 में बोनस के मद में 7.40 करोड़ रुपये दिया गया था. कुल 678 कर्मचारियों को बोनस की राशि दी गयी थी. 2024 के समझौता के मुताबिक, ओल्ड ग्रेड के कर्मचारियों को अधिकतम 3 लाख 95 हजार रुपये बोनस दिया गया था. टी ग्रेड के कर्मचारियों को अधिकतम 1 लाख 7 हजार रुपये और जेएस ग्रेड (न्यू सीरीज) को न्यूनतम बोनस 59151 रुपये दिया गया था. बोनस पात्रता विभिन्न मापदंडों पर कंपनी के प्रदर्शन पर आधारित है, जिसमें करों से पहले लाभ (पीबीटी), सुरक्षा प्रदर्शन, शिकायतों का अनुपालन, टॉप बॉक्स, ट्रांसमिशन और वितरण हानि, कुल मिलाकर अघोषित जल, ग्राहक संतुष्टि सूचकांक, बार-बार शिकायतें, एसजीए गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और उत्पादकता आदि शामिल है. यूनियन अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने बताया कि बेहतर बोनस समझौता करने के लिए वार्ता हो रही है. घाटे के बावजूद कैसे बेहतर बोनस किया जा सकता है, इस पर बातचीत हो रही है. प्रबंधन मजदूर हित में हमेशा फैसला लेती है. हमें भी उम्मीद है कि इस बार भी मैनेजमेंट के सहयोग से बेहतर बोनस कर सकेंगे.



