
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन ने फैसला लिया है कि सामाजिक कार्यों को लेकर अपने फंड से खर्च करेगी. टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से यह खर्चा किया जायेगा, जिसके लिए कर्मचारियों के चंदे से इकट्ठा किये गये पैसे को खर्च यूनियन करेगी. जरूरतमंदों तक खाना समेत अन्य सामान पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है. शुक्रवार को ऑफिस बियररों (यूनियन के पदधारी) की हुई मीटिंग में इस पर आमम सहमति बन गयी. इससे पहले दो और मीटिंग हो चुकी थी. तीसरी मीटिंग शुक्रवार को हुई, जिसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से ही पैसे खर्च किये जायेंगे, यानी कोई अपनी मरजी से कहीं भी टेंट लगाकर खर्च नहीं करेगा बल्कि इसकी एकाउंटिंग होगी. किस मद में कितना खर्च किया जाना है, यह तय नहीं हो पाया है. इसके लिए यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय को अधीकृत किया गया है. ये तीनों ही पदाधिकारी टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मीटिंग करने के बाद इस पर फैसला ले लेंगे. वैसे इस खर्च का पूरा ब्योरा दिया जायेगा या नहीं और कर्मचारी कैसे इसका पूरा लेखा-जोखा ले सकेंगे कि कहां कितना और किस मद में खर्च हुआ, यह किसी ने जानकारी उपलब्ध नहीं करायी है. वैसे इस लॉकडाउन में कई ऐसे मजदूर है जो खुद टाटा स्टील में काम करने के बावजूद फंसे हुए है. टाटा स्टील से जुड़े कई ऐसे लोग है, जिनके समक्ष फांकाकशीं की स्थिति उत्पन्न हुई होगी, लेकिन उनके ऊपर किसी का ध्यान नहीं हैं, लेकिन मैनेजमेंट के साथ मजदूरों की गाढ़ी कमायी का हिस्से का चंदा का पैसा सामाजिक कार्यों में कर न जाने क्या करना यूनियन चाहती है, यह सबके समझ से परे है. वैसे अच्छा तो यह होता कि जो जरूरतमंद टाटा स्टील के मजदूरों या उनके परिवार के लोग है, उनकी मदद यूनियन करती ताकि घर का पैसा घर में ही खर्च होता और सबको संतुष्टि भी होती.






