नई दिल्ली : पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा. भारत ने जहां एक ओर पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकी ठिकानों का खात्मा किया तो वहीं पाकिस्तान लगातार भारत में सैन्य ठिकानों और रिहायशी इलाकों में अटैक कर रहा है. गुरुवार की रात भी पाकिस्तान ने भारत के 36 शहरों पर हमला करने की कोशिश की, हालांकि उसे हमारे डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पाकिस्तान ने हमले में तुर्की के ड्रोन का इस्तेमाल किया. (नीचे भी पढ़ें)
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाक सेना ने भारत के कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की साजिश रची. पाक सेना ने तुर्की से मिले ड्रोन और मिसाइलों से 7 और 8 मई की रात को पश्चिमी सीमा के निकट स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों ने उनके सारे हमलों को नाकाम कर दिया.
कर्नल कुरैशी ने बताया कि 8 और 9 मई की रात में पाकिस्तानी सेना ने लेह से लेकर सर क्रीक तक फैली पश्चिमी सीमाओं पर ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिश के साथ ही, एलओसी पर भारी कैलिबर के हथियारों से गोलीबारी भी की. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का प्रयास किया. लगभग 300 से 400 ड्रोन का उपयोग कर 36 स्थानों पर घुसपैठ की कोशिश की गई.” (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने काइनेटिक एवं नन काइनेटिक साधनों का उपयोग कर इन ड्रोनों को मार गिराया. इन हमलों का संभावित मकसद भारत की वायु रक्षा प्रणालियों का परीक्षण और खुफिया जानकारी एकत्र करना था. ड्रोन के मलबे की फोरेंसिक जांच से पता चला है कि ये तुर्की के अस्सिगार्ड सोंगर ड्रोन थे. (नीचे भी पढ़ें)
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा बताया कि पाकिस्तान ने 7 मई को शाम 08:30 बजे एक असफल ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया. हमारे घोषित बंद के कारण भारतीय पक्ष का हवाई क्षेत्र में नागरिक हवाई यातायात पूरी तरह बंद है. हालांकि, कराची और लाहौर के बीच हवाई मार्ग पर नागरिक एयरलाइनें उड़ान भर रही हैं. पाकिस्तान नागरिक विमानों को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है. उन्हें भली भांति मालूम है कि भारत पर उसके हमलों से भारत की वायु रक्षा प्रतिक्रिया तीव्र होगी. भारतीय वायु सेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक वाहकों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई.” (नीचे भी पढ़ें)
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “… पाकिस्तान द्वारा कल रात की गई भड़काऊ और आक्रामक कार्रवाइयां भारतीय शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचे के अलावा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर की गईं. भारतीय सशस्त्र बलों ने आनुपातिक, पर्याप्त और जिम्मेदारी से जवाब दिया… पाकिस्तानी हमलों का पाकिस्तानी राज्य मशीनरी द्वारा आधिकारिक और स्पष्ट रूप से हास्यास्पद खंडन उनके कपट और नई गहराई का एक और उदाहरण है, जिस तक वे पहुंच रहे हैं.” (नीचे भी पढ़ें)
श्री मिसरी ने कहा कि अपनी हरकतें कबूल करने की बजाय पाकिस्तान ने यह बेतुका और अपमानजनक दावा किया कि यह भारतीय सशस्त्र बल हैं जो अमृतसर जैसे अपने ही शहरों को निशाना बना रहे हैं और पाकिस्तान पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. जैसा कि उनके इतिहास से पता चलता है, वे ऐसी हरकतों में पारंगत हैं. पाकिस्तान ने गलत सूचना फैलाई कि भारत ने ड्रोन हमले के जरिए नानकाना साहिब गुरुद्वारे को निशाना बनाया, जो एक और सरासर झूठ है. पाकिस्तान सांप्रदायिक विवाद पैदा करने के इरादे से स्थिति को सांप्रदायिक रंग देने की पूरी कोशिश कर रहा है.”



