जमशेदपुर : सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद् के तत्वावधान में बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में शनिवार शाम 9वां भोजपुरी नाट्य महोत्सव -2026 का शुभारंभ हुआ. भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, तुलसी भवन के सहयोग से आयोजित हो रहे इस नाट्य महोत्सव में दिल्ली की प्रसिद्ध नाट्य संस्था “रंग श्री” इस महोत्सव में भोजपुरी भाषा की नाट्य शैली, सांस्कृतिक समृद्धि और कला के प्रदर्शन कर रही है. (नीचे भी पढ़ें)

आयोजन के आज प्रथम दिन दिल्ली की रंगश्री नाट्य संस्था द्वारा प्रस्तुत अरविंद विद्रोही रचित भोजपुरी नाटक ‘यमलोक में करप्शन’ के मंचन के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई. इसके बाद डॉ महेंद्र प्रसाद सिंह कृत हास्य व्यंग्य नाटक ‘माइंडसेट’ का मंचन हुआ. दोनों ही नाटकों का निर्देशन रंगश्री के संस्थापक डॉ महेंद्र प्रसाद सिंह ने किया. दोनों ही नाट्य प्रस्तुतियों में दर्शक हंसते-हंसते लोट पोट होते रहे. पहले नाटक में जहां एक तरफ टीवी प्रचार से प्रेरित होकर गलत आहार के सेवन पर चोट किया गया तो वहीं एक पर एक फ्री शराब योजना पर चोट किया गया और भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज मुफ्त होता है इसकी भी जानकारी दर्शकों को दी गई. वहीं दूसरी प्रस्तुति हास्य व्यंग्य नाटक ‘माइंडसेट’ में नाटककार ने अंग्रेजी बोलने की मानसिकता को अंग्रेजों की गुलामी वाला गर्भ ढोना बताया है और हंसी-हंसी में ये संदेश दिया कि भाषा बचेगी तभी संस्कृति भी बचेगी. (नीचे भी पढ़ें)

दोनों नाटकों में खदेरन की भूमिका में स्वयं डॉ महेंद्र प्रसाद सिंह, विद्रोही जी और सिंहासन (प्लांट कर्मचारी) की भूमिका में अखिलेश कुमार पाण्डेय, यमराज और शिक्षक रामलखन की भूमिका में सौमित्र वर्मा का अभिनय सधा रहा. शेष कलाकारों ने भी अपनी अपनी भूमिकाओं के साथ बखूबी न्याय किया. इनमें मुख्य रूप से चित्रगुप्त और नाकी की भूमिका में रुस्तम कुमार, यमदूत 1 की भूमिका में विजय यादव, यमदूत 2 की भूमिका में संदीप कुमार ने दर्शकों को काफी प्रभावित किया. कृति कुमारी, डॉक्टर की भूमिका में, विनय कांत रसिक लाल की आत्मा और अरविंद विद्रोही जी के बेटे की भूमिका में तथा कर्मचारी की भूमिका में प्रवीण शामिल रहे. पार्श्व संगीत पर कीर्ति यादव व मंच सज्जा में अशोक एवं प्रभात रंजन शामिल रहे.



