
जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के भिलाई पहाड़ी के उदलबेड़ा गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से हुई युवक की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. इस घटना में मृतक के पिता बिरेंद्र शर्मा ने बिना पोस्टमार्टम कराये हुए ही अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया. बकायदा उन्होंने एक दस्तावेज बनवा लिया, जिसमें यह लिखा गया कि लू लगने के कारण हुए बुखार के कारण उनके बेटे की मौत हो गयी है. यह फर्जी दस्तावेज मानगो आजादनगर रोड नंबर पांच के चिकित्सक द्वारा बनाया गया है, जिसको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. घटना रविवार की है. भिलाई पहाड़ी के मुखियाडांगा के पास स्थित उदलबेड़ा गांव में रामनवमी का विसर्जन जुलूस की तैयारी में युवक लगे हुए थे. झंडा बांधने के दौरान बिजली का झटका चार युवकों को लग गया, जिसमें बिरेंद्र शर्मा के बेटे अंकित शर्मा की मौत हो गयी. अंकित और उसके तीन साथी उत्कर्ष मिश्रा, राजू कर्मकार समेत अन्य को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान अंकित शर्मा की मौत हो गयी. महानवमी के दौरान यह हादसा हुआ. वहां करीब पांच साल से बजरंगबलि की पूजा की जाती है. झंडा बांधने के दौरान हुए हादसे के दौरान हुई मौत के बाद पिता आये और शव को ले गये. शव का अंतिम संस्कार करने के पहले उन्होंने एक चिकित्सक से जाली दस्तावेज बनवा लिया, जिसमें यह लिखा गया कि लू और बुखार से मौत हो गयी है. इस बीच पुलिस को जब सूचना मिली तो पुलिस ने शव को खोजना शुरू किया तो घर जब पुलिस पहुंची तो पिता ने बताया कि अंतिम संस्कार कर दिया गया. पिता ने ही बताया कि उन्होंने दस्तावेज बनवा लिया था, जिसके आधार पर अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद पुलिस ने दस्तावेज बनाने वाले एक चिकित्सक को धर दबोचा. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.






