जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के निर्देश दिए. दुर्गा पूजा एवं आगामी त्योहारों के मद्देनजर उपायुक्त ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल एवं रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया. उन्होंने खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में ब्लड की उपलब्धता, जन शिकायतों के निष्पादन, मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन रिपोर्ट, आयुष्मान भारत योजना, मलेरिया जांच एवं उपचार, प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों के उपचार एवं फॉलोअप, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, कुपोषण प्रबंधन तथा डायलिसिस सेवा सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई. रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सिविल सर्जन को इस सप्ताह जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया. साथ ही दुर्गा पूजा के बाद स्कूलों एवं कॉलेजों में भी रक्तदान शिविर आयोजित करने को कहा, ताकि रक्त संग्रहण को बढ़ावा मिले और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके. प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों के उपचार एवं फॉलोअप की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने फॉलोअप की व्यवस्था को ऑटो मोड में संचालित करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी मिर्गी रोगी नियमित फॉलोअप से वंचित नहीं रहना चाहिए. वहीं, मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान पटमदा एवं धालभूमगढ़ में 10 प्रतिशत से कम राशि खर्च किए जाने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त की. पटमदा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) को सभी निर्धारित इंडिकेटर में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया गया. फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंडों में बीमारी की जांच के लिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू करने को कहा. उन्होंने डेंगू, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत एवं फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच और उपचार सेवाओं को सुदृढ़ करने पर बल दिया. संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा. टीकाकरण एवं कुपोषण प्रबंधन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने तथा पात्र लाभुकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत योग्य लाभुकों को आयुष्मान कार्ड निर्गत करने तथा उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही जन शिकायतों के निष्पादन की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और सेवाओं में सुधार लाने को कहा गया. उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने तथा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों. बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.




