
जमशेदपुर : लॉकडाउन का साइड इफैक्ट नजर आने लगा है. वैश्विक संकट के कारण अब इसकी त्रासदी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि, एक तरफ सरकार जरूरतमंदों को हर संभव सहयोग करने की अपील कर रही है, जहां सरकार मकान मालिकों से किरायेदारों से लॉक डाउन के अवधि का किराया नहीं लेने, स्कूलों से फीस नहीं लेने का फरमान जारी कर चुकी है वहीं दूसरी ओर दरकारी फरमान को अमसुना करते हुए न तो मकान मालिक किराया छोड़ने को राजी हैं, न निजी स्कूल बच्चों का फीस.

दोनों ही मामलों में संवेदनहीनता साफ तौर पर नजर आने लगे हैं, लेकिन कार्रवाई किसपर हो ये अबतक तय नहीं है. ताजा मामला जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कानू भट्ठा का है. जहां उमेश शर्मा नाम के मकान मालिक ने अपने किराएदार एक दिव्यांग दंपत्ति के घर में जबरन ताला लगा कर सड़कों पर जिंदगी जीने को मजबूर कर दिया है. जिला मुख्यालय पहुंचे दिव्यांग दंपत्ति ने बताया कि उन्हें पिछले 6 महीने से दिव्यांग तक पेंशन भी नहीं मिला है और लॉक डाउन होने के कारण रोजी रोजगार कर पाने में भी असमर्थ हैं ऐसे में मकान मालिक द्वारा घर से निकाल दिए जाने के कारण वे मंदिरों और सड़कों पर भीख मांग कर गुजारा कर रहे हैं. उन्होंने जिले के उपायुक्त से दिव्यांगता पेंशन दिलाने और मकान मालिक के प्रताड़ना से निजात दिलाने की मांग की है.







