
चाईबासा : सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर ईचा बांध का निर्माण किया जा रहा है. उक्त बातें डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने रविवार को सदर प्रखड अन्तर्गत कुर्सी गाँव मे विस्थापितो के द्वारा आयोजित आमसभा में विधायक दीपक बिरुवा से मिलकर कही. डूब क्षेत्र के हजारो की संख्या मे पहुँचे ग्रामीणाे ने विधायक दीपक बिरुवा से बांध निर्माण कार्य प्रारंभ की जानकारी देते हुए कार्य रुकवाने का आग्रह किया.

वही आमसभा को सम्बोधित करते हुए विधायक दीपक बिरुवा ने आश्वस्त किया कि ईचा डैम बांध निर्माण कार्य रद्द करने को लेकर सरकार से आग्रह किया जायेगा. विस्थापितो ने बताया कि झारखंड सरकार जल संसाधन विभाग द्वारा 23 जनवरी 2019 को जारी संकल्प में 5- ई में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि डूब प्रभावित क्षेत्र में मानकी मुंडा, ग्राम सभा से एनओसी लेना होगा. इस नियम को ताक में रखकर बांध निर्माण कार्य चल रहा है. इसके अलावा 27 सितंबर 2014 को ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल ने बैठक कर एक उपसमिति बनाई थी.

इस उपसमिति ने बांध निर्माण की परियोजना को निरस्त करने की अनुशंसा की थी. उक्त सभी नियम निर्देश को ताक में रखते हुए पिछली रघुवर सरकार ने 17 जनवरी 2019 को बैठक कर सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत ईचा बांध निर्माण कार्य प्रारंभ करने की स्वीकृति दी. लोगो ने बताया की पिछली भाजपा की सरकार ने लोगो का घर उजाड़ने का कार्य किया है. इस कारण झारखंड राज्य मे रघुवर दास की सरकार को लोगो ने नकार दिया. विस्थापितों ने बताया कि हम सभी ने इस बार के चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा को वोट देकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार बनाई है और काफी उम्मीदें हैं कि इस बार हम लोगों को विस्थापित होने से झारखंड मुक्ति मोर्चा की हेमंत सोरेन की सरकार ईचा डैम का कार्य रद्द कर विस्थापित होने से हजारो परिवार को विस्तापित होने से बचायेगी. आज की आमसभा बैठक में हजारों की संख्या में महिलाए व पुरूष उपस्थित थे.






