शार्प भारत डेस्क : भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स 9 महीने 14 दिन बाद बुधवार सुबह 3.27 बजे अपने चार साथियों के साथ पृथ्वी पर सकुशल लौटी है. उनके साथ बुच विल्मोर, निक हेग और अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी पृथ्वी पर सुरक्षित लौंटे है. उनकी सकुशल वापसी के दुनिया भर में खुशी का माहौल है. उन्हें नासा के स्पेसएक्स क्रू-9 मिशन से बुधवार सुबह 3.27 बजे फ्लोरिडा के समीप समंदर पर उतरे. उनकी पहली लैंडिंग समंदर में हुई. अंतरिक्ष से धरती तक का यह सफर 17 घंटे का था. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 5 जून 2024 को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए अपना मिशन शुरू किया था. वहीं निक हेग और अलेक्जेंडर गोरबुनोव 29 सितंबर 2024 को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे थे. दरअसल सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 5 जून को परीक्षण यान स्टारलाइनर से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के उड़ाने भरने के बाद आठ दिन बाद ही उनकी वापसी थी, परंतु यान में तकनीकी खराबी होने के कारण उन्हें अंतरिक्ष पर 9 महीना बिताना पड़ा. (नीचे भी पढ़ें)

कौन है सुनीता विलियम्स – सुनीता विलियम्स एक भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री है, जिसका जन्म 19 सितंबर 1965 को यूएस के ओहियो स्थित यूक्लिड में हुआ था. लेकिन वह मैसाचुसेट्स के नीधम को अपना होम टाउन मानती है और वह एक अमेरिकी नागरिक है. उनके पिता दीपक पंड्या एक न्यूरोएनाटोमिस्ट के रूप में काम करते थे. उनके पिता का जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन में हुआ था, इसलिए उनका मूल गांव झूलासन है. उनकी मां उर्सुलाइन बोनी पंड्या स्लोवेनियाई मूल की थी. वे अब तक तीन बार अंतरिक्ष पर गयी है. सबसे पहले 2006 में, उसके बाद 2022 में और तीसरी बार 2024 में गयी है. इसके साथ वे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के माध्यम से अंतरिक्ष पर जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला है. (नीचे भी पढ़ें)

अंतरिक्ष में रहने वाली तीसरी हस्ती बनी सुनीता विलियम्स : सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष पर 286 दिन अंतरिक्ष पर बितायी है, जिससे वह तीसरी सबसे ज्यादा दिन तक आइएसएस पर बिताने वाली महिला वैज्ञानिक बन गयी है. वहीं पहले नंबर पर 328 दिनों के साथ क्रिस्टीना कोच है. दूसरे नंबर पर पिग्गी वीटस्न है. वहीं आइएसएस में एक बार में सबसे अधिक समय बिताने वाले अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रूबियो है, जिन्होंने अब तक 371 दिन अंतरिक्ष पर बिताये है. (नीचे भी पढ़ें)

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया स्वागत : अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, आपका स्वागत है क्रू-9 धरती ने आपको याद किया. यह उनके धैर्य, साहस और असीम मानवीय भावना की परीक्षा रही है. सुनीता विलियम्स और क्रू9 अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है. विशाल अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है. विशाल अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा. स्पेस एक्सप्लोर करने का मतलब है क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना. सुनीता विलियम्स, एक पथप्रदर्शनक और एक आइकन ने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है. हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम किया. उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता जुनून से मिलती है और तकनीक दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है.



