जमशेदपुर : टाटा स्टील फाउंडेशन को कलिंगानगर इंटीग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट एंड क्लाइमेट चेंज अडैप्टेशन प्रोजेक्ट के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) नेशनल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन वाटर मैनेजमेंट 2026 से सम्मानित किया गया है. फाउंडेशन को ‘बियॉन्ड द फेंस’ श्रेणी में विजेता घोषित किया गया. यह वाटरशेड प्रोजेक्ट ब्राह्मणी नदी बेसिन के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित है. इसके तहत ओडिशा के जाजपुर जिले के दानागड़ी और सुकिंदा ब्लॉक के 12 गांवों और 9 ग्राम पंचायतों में कुल 3,270.87 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की उन समस्याओं को दूर करना था, जिनमें बारिश पर खेती की निर्भरता, जमीन का खराब होना, कृषि उत्पादकता में कमी और आजीविका को लेकर असुरक्षा जैसी चुनौतियां शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
पहाड़ी क्षेत्र से घाटी तक वाटरशेड मैनेजमेंट के व्यापक तरीके को अपनाते हुए, इस प्रोजेक्ट के तहत चार साल में 207 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन को सिंचाई की सुविधा से जोड़ा गया, 427 हेक्टेयर जमीन को उपजाऊ बनाया गया और भूजल स्तर में लगभग एक मीटर का सुधार हुआ. इसके अलावा, खेती के लायक नहीं रही 143 हेक्टेयर जमीन को फिर से खेती के लिए तैयार किया गया. इस प्रोजेक्ट से सतत खेती, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा देकर लोगों की आजीविका को भी बेहतर बनाया गया. इन प्रयासों से परिवारों की औसत सालाना आय में शुरुआती स्तर की तुलना में 33.13% की बढ़ोतरी हुई है. इससे मुख्य रूप से वंचित समुदायों के 4,820 लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर पड़ा है. इन प्रभावशाली नतीजों और समुदाय की भागीदारी से जल संरक्षण व प्रबंधन के प्रति टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को देखते हुए, इस पहल को सीआइआइ नेशनल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन वाटर मैनेजमेंट 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. (नीचे भी पढ़ें)
पुरस्कार समारोह में जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ राज भूषण चौधरी, नेशनल मिश़ फॉर क्लीन गंगा के डायरेक्टर जेनरल राजीव कुमार मित्तल और पेयजल व स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल सहित कई वरिष्ठ नीति-निर्माता और इस क्षेत्र के प्रमुख लोग शामिल हुए. टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से सीओओ देबदूत मोहंती, हेड एग्रीकल्चर अनंत सिंह और फाउंडेशन के अन्य अधिकारियों ने समारोह में हिस्सा लिया. इस उपलब्धि पर अपने विचार साझा करते हुए, टाटा स्टील फाउंडेशन के सीइओ सौरव रॉय ने कहा कि यह सम्मान कलिंगानगर में पानी और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने में समुदायों के सामूहिक प्रयासों और हमारी टीमों की मेहनत व तकनीकी क्षमता को दर्शाता है. आगे भी हम इन प्रयासों को जारी रखते हुए जल सुरक्षा को मजबूत करने, ग्रामीण परिवारों की आजीविका को बेहतर बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास में योगदान देने की दिशा में काम करेंगे. राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान पानी से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के साथ-साथ समुदायों को इनसे निपटने में सक्षम बनाने वाले सतत और बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले समाधान विकसित करने की टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है. फाउंडेशन स्थानीय संस्थाओं, सरकारी एजेंसियों और समुदाय के लोगों के साथ मिलकर जल प्रबंधन में सबकी भागीदारी बढ़ाने और पर्यावरण को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की दिशा में लगातार काम कर रहा है.




