
चाईबासा : खान सचिव के श्रीनिवासन के आदेश पर पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी अंचल के टाटिबा-बरायबुरू स्थित मेसर्स रामेश्वर जूट मिल की लौह अयस्क खदान की जांच पड़ताल शुरू हो गयी है. सोमवार को उपनिदेशक खान, हजारीबाग अंचल के शंकर सिन्हा की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम ने खदान पहुंचकर स्टॉक का मिलान किया. इसमें दिन भर का समय लग गया. अंत में लौह अयस्क का सैंपल लेकर टीम रांची वापस लौट गयी. जांच के समय उपनिदेशक के अलावा सहायक जियोलॉजिस्ट हजारीबाग, कुणाल कौशिक, सर्वेयर, चाईबासा के जिला खनन पदाधिकारी संजीव कुमार व खान निरीक्षक विश्वनाथ मौजूद थे. जांच टीम ने कंपनी के जियोलॉजिस्ट प्रवीण कुमार व माइंस मैनेजर कुमार रंजन से कई विषयों में जानकारी हासिल की. बताया जाता है कि 31 मार्च 2020 जिन लौह अयस्क खदानों की लीज समाप्त हो गयी है, उन्होंने सरकार से 31 मार्च तक जितना माल निकाला है, उसे डिस्पैच करने की अनुमति मांगी थी. राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिलने के कारण रामेश्वर जूट मिल प्रबंधन सरकार के खिलाफ कोर्ट चला गया था. उच्च न्यायलय ने रामेश्वर जूट मिल के पक्ष में अपना फैसला सुनाया था. इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से कंपनी को माल उठाव की अनुमति नहीं दिये जाने पर पिछले दिनों कंपनी ने खान विभाग के पदाधिकारी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर करायी है. इसी संबंध में जांच को खान सचिव के श्रीनिवासन ने शंकर सिन्हा के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया. समिति को पांच दिनों के भीतर खान सचिव को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. वर्तमान खान सचिव के श्रीनिवासन पूर्व में पश्चिमी सिंहभूम के जिला उपायुक्त भी रह चुके है. लोगों को उम्मीद है कि खान सचिव त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी खदानों की नीलामी की प्रक्रिया तेज करेंगे.






