जमशेदपुर: विश्व डाक दिवस के अवसर पर 9 अक्टूबर से राष्ट्रीय डाक सप्ताह की शुरुआत हो गई है. इस दौरान डाक विभाग की ओर से कोल्हान क्षेत्र में विभिन्न जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके तहत स्कूली बच्चों को डाकघर की कार्यप्रणाली से परिचित कराने, डाक टिकट संग्रह के प्रति रुचि बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने तथा डाक सेवाओं में तकनीकी बदलावों की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया जाएगा.सिंहभूम प्रमंडल, जमशेदपुर-3 के वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है. इसके बाद पूरे सप्ताह राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की स्थापना वर्ष 1874 में हुई थी और भारत वर्ष 1876 में इसका सदस्य बना था. वर्ष 1969 से विश्व डाक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई.(नीचे भी पढ़े)
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत 12 अक्टूबर को फिलाटेली दिवस मनाया जाएगा. इस अवसर पर जमशेदपुर मुख्य डाकघर स्थित फिलाटेली ब्यूरो में स्कूली बच्चों का भ्रमण कराया जाएगा. बच्चे पुराने और नए डाक टिकटों को देख सकेंगे तथा डाक टिकट संग्रह के महत्व को समझेंगे. एनआईटी स्थित डाकघर में भी बच्चों का भ्रमण आयोजित किया जाएगा, जहां उन्हें डाक सेवाओं में हुए बदलावों की जानकारी दी जाएगी. डाक टिकट संग्रह में रुचि रखने वाले लोगों के लिए जमशेदपुर मुख्य डाकघर में फिलाटेली कार्यशाला आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और ‘माई स्टैम्प्स’ के काउंटर भी लगाए जाएंगे.13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन और सिटीजन सेंट्रिक सर्विसेज दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इसके तहत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों के आठ अनुमंडलों में दो-दो डाक चौपाल आयोजित करने की योजना है. इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों को डाक विभाग की सेवाओं, सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी.(नीचे भी पढ़े)

इसके अलावा, स्कूलों में आधार शिविर लगाने की भी योजना है.जिन विद्यालयों से अनुरोध प्राप्त होगा, वहां उपलब्ध व्यवस्था और जरूरत के अनुसार आधार शिविर आयोजित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य लोगों को आधार सहित विभिन्न नागरिक-केंद्रित सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है.14 अक्टूबर को जमशेदपुर मुख्य डाकघर में बिजनेस मीट और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. वरिष्ठ डाक अधीक्षक के अनुसार, वर्तमान में विभाग के साथ 22 बड़े सरकारी एवं अर्धसरकारी ग्राहक बीएनपीएल (बुक नाउ पे लेटर) सेवा का उपयोग कर रहे हैं. इसके अलावा 45 से अधिक एडवांस ग्राहक हैं, जिनके वॉलेट में पहले से राशि जमा रहती है और डाक विभाग के कर्मचारी उनके डाक लेखों को एकत्र कर बुकिंग करते हैं.इस अवसर पर 50 से अधिक ग्राहकों के साथ संवाद कर उनकी जरूरतों, शिकायतों और सुझावों पर चर्चा की जाएगी, ताकि डाक सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके. बच्चों को भी डाकघर की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा. उन्हें बताया जाएगा कि लेटर बॉक्स से पत्र कैसे निकाले जाते हैं, उनकी बुकिंग कैसे होती है और वे अपने गंतव्य तक कैसे पहुंचते हैं.(नीचे भी पढ़े)
इसी दिन चाईबासा के पिल्लई हॉल में भी ‘रिफॉर्म उत्सव’ आयोजित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में डाक विभाग की सेवाओं और सुधारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके.15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के अवसर पर डाक विभाग के कर्मचारियों के बीच क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. इसका उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी बदलावों और डाक सेवाओं में नवाचार की जानकारी देना तथा उनके ज्ञान को परखना है.उदयभान सिंह ने बताया कि डाक विभाग में डिजिटल तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ है. सिंहभूम प्रमंडल के अंतर्गत दो प्रधान डाकघर, 71 उपडाकघर और 654 शाखा डाकघर पूरी तरह डिजिटल हो चुके हैं. इसी उपलब्धि और तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के बीच यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह का उद्देश्य डाक सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करना, नई सेवाओं की जानकारी देना और आम नागरिकों तक विभाग की सुविधाओं को अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है. पूरे सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, ग्रामीणों, ग्राहकों और डाक कर्मचारियों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा.



