गिरिडीह : पिरामल फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को डीआइईटी के सहयोग से समग्र शिक्षा अभियान के तहत दो दिवसीय नेतृत्व कार्यशाला के दूसरे दिन की कार्यशाला आयोजित हुई. इस कार्यशाला में देवरी, बगोदर, सरिया, बिरनी एवं डुमरी प्रखण्डों के कुल 55 संकुल संसाधन सेवी एवं प्रखण्ड संसाधन सेवी शामिल हुए. पिरामल फाउंडेशन के संजीव जैन ने बताया कि नीति आयोग के सहयोग से गिरिडीह जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत शिक्षा एवं स्वास्थ्य के इंडिकेटर को बेहतर बनाने के लिए कार्य किये जा रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)

इस कार्यक्रम में सीआरपी /बीआरपी को केस स्टडीज दे कर प्रेजेंटेशन के माध्यम से एक्टिविटी कराई गई जिससे उनकी कैपिसिटी बिल्ड हो और साथ ही साथ बुनियादी शिक्षा को कैसे बेहतर बनाया जा सके, इस पर समझ बने. इसके साथ ही उनमें यह समझ भी बने कि सिस्टम एवं विद्यालय में पढ़ाई को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नेतृत्व क्षमता की वृद्धि करना एवं जिले के हेडमास्टर, शिक्षक और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सहयोग प्रदान करना है. कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में पिरामल फाउंडेशन के संजीव जैन, सीमा चक्रवर्ती एवं मोना प्रेरणा सुरीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



